(1) पराली
धान पराली को सभी, चलो सहेजें आज।
लायें ढो खलिहान से, करें पुन्य का काज ।
करें पुन्य का काज, नही हम इसे जलायें।
दें पशु को आहार, डाल घुर इसे गलायें।
बनता बढ़िया खाद, नही पशु भोजन खाली।
होगा सबको लाभ, जले ना धान पराली ।
(2) स्वच्छता
हो घर बाहर स्वच्छता, बाँटे हम सन्देश।
सफल करें अभियान को, रहे स्वच्छ परिवेश।
रहे स्वच्छ परिवेश, लाभ को चलो गिनायें।
चलो बढ़ायें पाँव, सफाई करें दिखायें।
हों हम भागीदार, काज ये पावन सुन्दर ।
रहें सभी खुशहाल, स्वच्छता हो बाहर घर।
No comments:
Post a Comment