Saturday, 31 August 2024

तीजा पोरा

# तीजा-पोरा (ताटंक गीत)

आही बहिनी मोरो भाई, लेहे बर कर जोरा वो।
सँग उछाह के भादो आगे, धरके तीजा पोरा वो।

बरत खमरछठ होगे बहिनी, आठे घलो मनागे हे।
गिनवा होगे हाबय दिन हा, पाख किसन छेंवागे हे।
मन अधीर होवत हे नँगते, लमत हवय सुध डोरा वो।
सँग उछाह के भादो आगे, धरके तीजा पोरा वो।

धरे मोटरा खऊ खजानी, लाही मोरो भाई हा।
आनी बानी रोटी पीठा, जोरे रइही दाई हा।
भाँची भाँचा बर धर लाही, गहूँ चना के होरा वो।
सँग उछाह के भादो आगे, धरके तीजा पोरा वो।

तरपँवरी के ये खजवाई, हुलसत हिय ये दारी के।
देवत हाबय आरो मोला, मइके होवत चारी के।
बेरा बइरी देख न हँसथे, देखत मोर अगोरा वो
सँग उछाह के भादो आगे, धरके तीजा पोरा वो।

आगे होहीं सँग-सँगवारी, सोरियात होहीं मोला।
गली खोर अमुवा मउहारी, कुआँ पार बारी कोला।
भरे भरे कस लागत होही, जनम भुँई के कोरा वो।
सँग उछाह के भादो आगे, धरके तीजा पोरा वो।

- मनीराम साहू 'मितान'

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